मुजफ्फरपुर, फरवरी 23 -- मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता अब सत्र के प्रारंभ में ही सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को पोशाक की राशि मिलेगी। यह राशि अप्रैल से सितम्बर माह तक बच्चों की उपस्थिति के आधार पर मिलती रही है। सत्र के बीत जाने के बाद राशि मिलने के कारण अभिभावक पोशाक नहीं खरीदते हैं। स्कूलों में जांच के दौरान यह मामला सामने आया। मुजफ्फरपुर समेत विभिन्न जिलों के सैकड़ों स्कूलों में जांच में आधे से अधिक बच्चे बिना पोशाक के मिले थे। इसकी समीक्षा राज्यस्तर पर की गई। इसमें सामने आया कि बच्चों को मिली पोशाक की राशि अभिभावक घर के कामों में खर्च कर देते हैं। इसके पीछे का कारण अभिभावकों ने यह बताया कि काफी देर से पोशाक की राशि मिलती है। तब तक सत्र खत्म होने वाला होता है। ऐसे में अभिभावक उस सत्र के लिए पोशाक खरीदना जरूरी नहीं समझते। मुख्यमंत्...
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