नई दिल्ली, जुलाई 10 -- अलवर के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में एक बार फिर खाकी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की कथित बर्बरता और मानसिक प्रताड़ना से टूटकर 22 वर्षीय युवक अमित सैनी ने जहर खाकर जान दे दी। लेकिन उसकी मौत सिर्फ आत्महत्या नहीं, एक संगठित दबाव और सिस्टम की बेरहमी की कहानी है। युवक ने मरने से पहले जो सुसाइड नोट छोड़ा, उसमें तीन पुलिसकर्मियों सहित कुल छह लोगों के नाम दर्ज हैं, जिन्हें उसने मौत का जिम्मेदार बताया है। मैंने जहर खा लिया, मुझे बचा लो यह आखिरी शब्द थे अमित सैनी के, जो उसने जहर निगलने के बाद पिता से कहे। उसने बताया कि थाने में उसे बेरहमी से पीटा गया, गालियां दी गईं और झूठे आरोपों में फंसाया गया। पिता लक्ष्मण सैनी उसे फौरन जिला अस्पताल ले गए, लेकिन अमित ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार और पूरे इलाके ...
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