लखनऊ, अगस्त 7 -- अब महिला अध्ययन व लैंगिग अध्ययन में स्नातकोत्तर (पीजी) पास लोग भी परिवीक्षा अधिकारी व अधीक्षक बन सकेंगे। महिला कल्याण विभाग ने उत्तर प्रदेश परिवीक्षा अधिकारी (राजपत्रित) सेवा नियमावली 2004 में समकक्षता को जोड़ने के लिए संशोधन किया है। अभी तक समाजशास्त्र, समाजकार्य व मनोविज्ञान विषय में किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पीजी पास व्यक्ति इस पद पर भर्ती के लिए अर्ह माना जाता है। अब महिला अध्ययन व लैंगिग अध्ययन में पीजी पास व्यक्ति भी इस पद पर भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रमुख सचिव, महिला कल्याण लीना जौहरी की ओर से सेवानियमावली में शैक्षिक अर्हता में समक्षकता को निर्धारित किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऐसे में अब ǔजिला परिवीक्षा अधिकारी, महिला परिवीक्षा अधिकारी, क्षेत्र परिवीक्षा अधिकारी, परीक्षा अधिकारी, केस ...
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