वाराणसी, फरवरी 5 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों ने जटिल लौह अयस्कों से धातु निकालने की एक नई और स्वच्छ तकनीक विकसित की है। पारंपरिक विधियों की तुलना में लौह एवं इस्पात उद्योग से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करने की क्षमता वाली इस तकनीक को भारत सरकार से पेटेंट भी प्राप्त हुआ है। यह शोध धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. गिरिजा शंकर महोबिया के नेतृत्व में डॉ. बिस्वजीत मिश्रा और डॉ. लक्कोजू शंकर राव के सहयोग से किया गया। प्रो. महोबिया ने बताया कि यह कार्य एक पीएचडी शोध के रूप में शुरू हुआ था, जो धीरे-धीरे एक व्यावहारिक और उपयोगी तकनीक के रूप में विकसित हुआ। बताया कि इस्पात का उपयोग भवनों, पुलों, रेलवे, वाहनों, मशीनरी और घरेलू उत्पादों में व्यापक रूप से किया जाता है। पारंपरिक इस्पात निर्माण प्रक्रिय...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.