लखनऊ, जनवरी 28 -- पैर लचकने की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए अच्छी खबर है। केजीएमयू ने ऐसे मरीजों के लिए खास तरह का उपकरण तैयार किया है। जिसे घुटने के नीचे तक पहनने से मरीजों को काफी हद तक राहत मिल सकती है। इस उपकरण को पेटेंट प्राप्त हुआ है। यह उपकरण केजीएमयू में स्थापित स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिजाइन सिंजर्जीजिंग हेल्थकेयर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एसआईबी शाइन) में विकसित किया गया है। केजीएमयू कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने पूरी टीम को बधाई दी है। फिजिकल मेडिकल एंड रिहैब्लिटेशन विभाग (पीएमआर) ने उपकरण तैयार किया है। वर्ष 2022 से उपकरण को विकसित करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा था। उपकरण कुशाग्र अस्थाना और पृथु प्रसाद ने विकसित किया। उनके स्टार्टअप बायोस्टिम इनोवेशंस ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त किय...