मधुबनी, फरवरी 13 -- खजौली। बिहार में अब राजस्व अभिलेखों की सत्यापित प्रति (नकल) के लिए लोगों को अभिलेखागार या कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आदेश जारी कर 1 जनवरी 2026 से पूर्व से चल रही भौतिक प्रणाली को समाप्त कर दिया है। अब राजस्व अभिलेखों की केवल ऑनलाइन माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति ही भू-अभिलेख पोर्टल के जरिए निर्गत की जाएगी, जो प्रमाणित प्रतिलिपि के रूप में मान्य होगी।विभाग के सचिव जय सिंह ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी समाहर्ता, जिला अभिलेखागार के प्रभारी पदाधिकारी और अंचल अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। आदेश के अनुसार, पहले सत्यापित प्रति प्राप्त करने के लिए "जिरो चिरकुट" (प्रपत्र) भरकर आवेदन, स्टाम्प शुल्क जमा कर कई बार कार्यालय आना पड़ता था और इसमें सामान्यत: 7 से 14 दिन का ...