लखनऊ, फरवरी 23 -- केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में दिल को खून पहुंचाने वाली महीन नसों में रुकावट का आसानी से पता चलेगा। लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने सोमवार को पहली बार कोरोवेंटिस सिस्टम से बीमारी का पता लगाने के लिए प्रयोग किया है। चार मरीजों की जांच की गई। लारी उत्तर प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है जिसमें कोरोवेंटिस सिस्टम से दिल की नसों में रूकावट का पता लगाया गया। दिल की बड़ी नसों में रुकावट का पता लगाने के लिए एंजियोग्राफी की जाती थी। कई बार छोटी व पतली नसों में रुकावट पनप आती है। डायबिटीज मरीजों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। लारी कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेठी ने बताया कि रूकावट की वजह से मरीज के सीने में दर्द (एंजाइना) की शिकायत होती है, लेकिन उनकी कोरोनरी धमनियों में गंभीर रुकावट नहीं पाई जाती।...