सीवान, फरवरी 19 -- रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चलता है कि प्रदर्शन के मामले में मिलों के बीच काफी अंतर है। बताते चलें कि किसान राइस मिल ने 39.39 प्रतिशत प्राप्ति के साथ जिले में सबसे आगे है। इसके बाद मिर्जुमला पैक्स राइस मिल का स्थान है। इसने 49.21 प्रतिशत की दर से चावल जमा किया है। वहीं समृद्धि राइस मिल ने लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 8.43 प्रतिशत, देव राइस मिल्स जैसे बड़े मिलर ने भी केवल 13.85 प्रतिशत का आंकड़ा छुआ है। इसी प्रकार मड़कन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति लिमिटेड की रिपोर्ट में प्राप्ति का आंकड़ा अभी भी शून्य है। क्योंकि हाल ही इस मिल का चयन किया गया है। अब ये कार्य शुरू करेगी। बता दें कि जिले में मिलिंग के लिए अरवा व उसना दोनों प्रकार की मिलें कार्यरत हैं। कुल मिलिंग क्षमता 50 मीट्रिक टन प्रति घंटा है। परिवहन की बात करें तो, मिलों...