बीजिंग, अगस्त 12 -- चीन ने एक महत्वाकांक्षी रेल परियोजना की योजना बनाई है, जो भारत के लिए दोहरी चिंता का कारण बन रही है। यह रेल लाइन तिब्बत को उत्तर-पश्चिमी शिनजियांग से जोड़ेगी और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट से गुजरेगी, जिसमें भारत का अक्साई चिन क्षेत्र भी शामिल है। यह क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन 1950 के दशक से चीन के कब्जे में है। इस परियोजना से चीनी रेल सीधे भारत की दहलीज तक पहुंच जाएगी, जिससे नई दिल्ली की चिंता बढ़ना तय है। लगभग 20 साल पहले, चीन ने पहली बार 4,000 मीटर की ऊंचाई पर जमी बर्फ (परमाफ्रॉस्ट) के ऊपर से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्री ट्रेन चलाई थी। यह गोलमुड-ल्हासा सेक्शन था, जिसने 2006 में तिब्बत की राजधानी ल्हासा को चीन के रेल नेटवर्क से जोड़ा। अब चीन तिब्बत में रेल नेटवर्क को और गहराई तक...
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