सिमडेगा, जनवरी 9 -- सिमडेगा। पाठशाला का नाम सुनते ही अक्सर हमारे ज़ेहन में कॉपी-किताब, ब्लैक बोर्ड और शिक्षक की तस्वीर उभर आती है। लेकिन कृषि विभाग द्वारा संचालित एक ऐसी पाठशाला भी है, जहां न तो छात्र-शिक्षक की पारंपरिक पहचान दिखती है और न ही किताबों का बोझ। इसके बावजूद इसे भी ज्ञान का ही मंदिर माना जाता है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां अक्षर ज्ञान नहीं, खेती का ज्ञान प्रैक्टिकल के जरिए दिया जाता है। यहां खेत ही क्लास रूम बन जाता है और अनपढ़ से लेकर हर तरह के किसान विद्यार्थी। इस अनोखी पाठशाला का नाम बिरसा कृषि पाठशाला है। चालू वित्तीय वर्ष में जिले के कोलेबिरा, बोलबा और कुरडेग प्रखंड में भी एक-एक बिरसा कृषि पाठशाला खोला जाएगा। डीएओ माधुरी टोप्पो ने बताया कि कोलेबिरा, बोलबा और कुरडेग में बिरसा कृषि पाठशाला खोलने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल ...