लखनऊ, फरवरी 6 -- अब आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लोगों को अस्पताल या कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। घर के निकट कोटेदार भी आयुष्मान कार्ड बना सकेंगे। इसके लिए उनको प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रत्येक कार्ड बनाने के एवज में कोटेदारों को पांच रुपये दिए जाएंगे। कोटेदारों को आईडी पासवर्ड जारी किया जा रहा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने में एएनएम, आशा बहू, पंचायत सहायक के साथ कोटेदार भी सहयोगी होंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोटेदारों को आईडी जारी किए जाने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी की तरफ से सभी कोटेदारों का विवरण उपलब्ध कराया जा चुका है। ताकि सभी कोटेदारों का आईडी पासवर्ड जारी किए जा सके। राशन कार्ड में छह या उससे अधिक सदस्य और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक...