भागलपुर, मार्च 24 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता भागलपुर समेत पूरे देश को टीबी से मुक्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग जागरूकता से लेकर टीबी जांच व इलाज का दायरा तेजी से बढ़ा रहा है। वहीं लोग टीबी संक्रमण की जद में न आएं या फिर लेटेंट टीबी यानी शरीर में छिपी टीबी बाद में कन्फर्म टीबी में न बदले, इसको लेकर टीबी से बचाव की दवा भी चलाई जा रही है। पहले टीबी से बचाव की दवा लंबे समय तक खानी पड़ती थी। लेकिन अब टीबी से बचाव की ऐसी दवा आने वाली है जिसका डोज न केवल कम होगा बल्कि इसके खुराक की अवधि भी कम हो जाएगी। छह माह के बजाय तीन माह में 12 बार दवा खाकर बचे रहेंगे टीबी से जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के टीबी एंड चेस्ट विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शांतनु कुमार घोष बताते हैं कि अभी टीबी से बचाव के लिए आइसोनियाजिड एंड रिफापेंटिन की जो दवा दी जा...
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