लखनऊ, जनवरी 10 -- मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित अभ्युदय कोचिंग में अयोग्य कोर्स कोआर्डिनेटरों की भर्ती का मामले ने आउटसोर्सिंग कंपनियों का खेल उजागर किया है। ऐसे में अब आउटसोर्सिंग पर रखे गए 460 कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की भी जांच होगी। इसमें देखा जाएगा कि इन लोगों की नियुक्तियों में योग्यता को नजरंदाज तो नहीं किया गया है। इसे लेकर समाज कल्याण विभाग की ओर से जांच के लिए पत्र लिखा गया है। यह भर्तियां आश्रम पद्धति स्कूलों, अभ्युदय कोचिंग और छात्रवृत्ति योजना के साथ ही मंडलीय कार्यालयों में आईटी के कार्यों इत्यादि के लिए की गईं हैं। अब यह देखा जाएगा कि पदों पर भर्ती के लिए जो अर्हता निर्धारित थी, उसके अनुसार ही पदों पर चयन किया गया या नहीं। पद पर भर्ती के लिए जो प्रक्रिया तय की गई थी, उसका प...