जमशेदपुर, मई 7 -- काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने बोर्ड परीक्षा के नियमों में भी कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इसके मुताबिक अब कंपार्टमेंट परीक्षा प्रणाली समाप्त कर दी गई है और अब सुधार परीक्षा (इम्प्रूवमेंट एग्जाम) की व्यवस्था लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत अब छात्र एक ही वर्ष में अधिकतम दो विषयों में सुधार परीक्षा दे सकते हैं। दोनों प्रयासों में से उच्च अंक को अंतिम अंक के रूप में मान्यता दी जाएगी। बदलाव के बाद अब रिजल्ट की टर्मिनोलॉजी में बदलाव कर दिया गया है। इसका मतलब यह कि अब बोर्ड के परिणामों में पास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया या प्रदान नहीं किया गया के स्थान पर योग्य (क्वालीफाइड) या अयोग्य (नॉट क्वालीफाइड) शब्दों का प्रयोग किया जाएगा। यह कदम परिणामों को अधिक पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों...
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