नई दिल्ली, फरवरी 3 -- केंद्रीय जांच एजेंसियों ने फर्जी पासपोर्ट मामले की जांच शुरू कर दी है। आईबी, एटीएस नोएडा और एलआईयू के अधिकारियों ने गिरफ्तार पांच आरोपियों से सोमवार को तीन घंटे तक पूछताछ की। जांच में खुलासा हुआ है कि जिन 22 लोगों के फर्जी पासपोर्ट बनाए गए, उनमें अफगानिस्तानी शरणार्थी मां-बेटे भी हैं।चार नंबरों का किया इस्तेमाल अब तक की जांच में पता चला है कि पासपोर्ट बनवाने के लिए एक नहीं, बल्कि चार मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया। फर्जी पासपोर्ट बनवाने की बात सामने आने के बाद सोमवार को नोएडा एटीएस, आईबी और एलआईयू के अधिकारियों ने गिरफ्तार दलाल विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा, डाकिया अरुण कुमार, अफगानिस्तान से आई शरणार्थी महिला सावंतकौर और उसके बेटे अमनदीप सिंह से भोजपुर थाने में पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि प...