नई दिल्ली, मई 5 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में जनगणना अप्रैल 2026 में शुरू हो सकती है। इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना कराने की घोषणा की गई है। हालांकि जनगणना के पहले इस संबंध में कई तैयारियां की जानी हैं। इसके प्रारूप को अंतिम रूप देना होगा। साथ ही बजट का इंतजाम भी करना होगा। जनगणना के साथ जातियों की गणना किस तरह होगी, इसकी आखिरी रूपरेखा तय करने से पहले विशेषज्ञों से बातचीत करनी होगी। साथ ही डिजिटल मोड में प्रस्तावित गणना को संपन्न करने के लिए सॉफ्टवेयर सहित अन्य तकनीकी काम भी पूरे करने होंगे। माना जा रहा है कि जातीय जनगणना में पिछड़ों सहित सभी जातियों की गिनती होगी, लेकिन इसे खुले फॉर्मेट में करने के बजाय विकल्प में से चुनने को कहा जाएगा। उदाहरण के तौर पर केंद्रीय और राज्यों की सूचियों में उल्लिखित जातियों में से ही विकल्प चुन...
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