मुख्य संवाददाता, अप्रैल 24 -- मौसम में बदलाव का असर भैंसों के शरीर पर भी पड़ सकता है। पशु वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल महीने में भैंसे हीट में आती हैं। यह मौसम उनके गर्भाधान के लिए माकूल है लेकिन इस बार पिछले कई साल के मुकाबले अप्रैल में अधिक गर्मी पड़ रही है। इसके कारण गर्भाधान में समस्या हो सकती है। ऐसे में समय रहते पशुपालकों को शेड में गर्मी से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम कर लेना चाहिए। संभव हो तो हर दो-चार दिन के अंतराल पर भैंसों को नदी या तालाब में कुछ घंटे के लिए नहाने छोड़ दें। उनके खाने में ठंडी तासीर वाले आहार को भी शामिल करें, जिससे पाचन क्रिया बेहतर हो सके। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉक्टर रणवीर सिंह का कहना है कि अप्रैल महीने में गर्म हवाएं और चढ़ता तापमान पशुपालन को प्रभावित करता है। इस मौसम में अत...
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