आगरा, फरवरी 21 -- विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सोनिका चौधरी ने अपहरण और अश्लील हरकत के मामले में आरोपी तरुण को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा। आरोपी की ओर से अधिवक्ता प्रतिभा आर्य और एसके गौतम ने तर्क दिया कि कथित घटना के समय पीड़िता बालिग थी। उसके बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों में विरोधाभास हैं। घटना का कोई स्वतंत्र या चक्षुदर्शी साक्षी भी नहीं है। वादी ने थाना लोहामंडी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी करीब 16 वर्ष की पुत्री 22 जून 2021 को दवाई लेने घर से गई थी और वापस नहीं लौटी। बाद में पता चला कि वह पड़ोस में रहने वाले मौसी के बेटे के साथ चली गई है। पुलिस ने जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।

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