रामपुर, दिसम्बर 8 -- जिले में अपराध और अपराधियों की श्रेणी के आधार पर गैंग पंजीकरण का काम तेजी से हुआ है। पिछले चार वर्ष में पंजीकृत गैंगों की संख्या 53 से बढ़कर 81 पहुंच गई है। सबसे खास बात है कि पिछले तीन वर्ष में डकैती का आंकड़ा बेशक शून्य है, मगर डकैती और लूट के लिए पंजीकृत गैंगों की संख्या छह है। कानपुर में विकास दुबे द्वारा पुलिसकर्मियों की हत्या यानि विकरू कांड के बाद प्रदेश स्तर पर श्रेणी चार गैंग पंजीकरण पर जोर दिया गया। ताकि उनकी निगरानी हो सके। उस समय तक अपने जिले में 53 गैंग थे। फिर प्रतिवर्ष लक्ष्य बनाकर क्रम ऐसा चला कि दिसंबर 2025 तक पंजीकृत गैंगों की संख्या 81 पहुंच गई है। जिसमें 329 अपराधियों का ब्योरा पुलिस के पास है। इसके तहत जिले में थाने वार गैंग पंजीकरण पर जोर दिया गया। एक जैसी श्रेणी के एक से अधिक अपराध में शामिल दो या...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.