चंडीगढ़, मई 1 -- पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि कोई माता-पिता अपने ही बच्चे को अगवा नहीं कर सकते, जब तक कि कोई सक्षम अदालत उन्हें अभिभावक के अधिकार से वंचित न कर दे। यह फैसला न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। गुरुग्राम के रहना वाले राजा रेखी ने याचिका दायर की थी। वह बच्चे के चाचा है। उन्होंने 12 वर्षीय बच्चे की उसकी ऑस्ट्रेलिया निवासी मां की कस्टडी से रिहाई की मांग कर रहे थे। राजा रेखी का आरोप था कि जब बच्चे के पिता अमित रेखी बेल्जियम दौरे पर थे, तब मां ने उनके ऑफिस में जबरन घुसकर बच्चे का पासपोर्ट लिया और उसे अपने साथ ले गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला ने पुलिस को झूठ कहा कि वह कुछ समय के लिए बेटे को दिल्ली स्थित अपने माता-पिता से मिलाने ले जा रही है। ...
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