दरभंगा, जुलाई 7 -- जाले। 'दी थी अम्मा ने जो पोशाक वो ला दो जैनब, अपने हाथों से कफन मुझको पहना दो जैनब...., कबिछड़ गए अली असगर रोबाव रोती है, कहां गए गुलेतर, रोबाव रोती है..त आदि नोहों के साथ कछुआ पंचायत के बड़ी मलिकपुर और रतनपुर पंचायत के कलवाड़ा गांव में रविवार को शिया मुसलमानों ने इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी भाव के साथ मुहर्रम पर्व मनाया। इसमें गांव के इमामबाड़ा से ताजिया और अलम का जुलूस निकाला गया। शिया मुसलमान काले पोशाक पहनकर हाय हुसैन, हाय हुसैन.. के साथ कलेजा पीटते और नोहा गाते इमामबाड़ा से रिजवी चौक आए और वहां से पुन: इमामबाड़ा पहुंचकर जंजीर तलवार और ब्लेड का मातम किया। इमामबाड़ा से कर्बला की ओर 'हाय हुसैन की सदा देते हुए कर्बला पहुंचे। कर्बला में पुन: जंजीर, तलवार और ब्लेड का मातम किया। मातम के बीच सेहरा को दफन किया गया। कलवाड़ा...