लखीसराय, जून 16 -- चानन, निज संवाददाता। फादर्स डे एक ऐसा दिन होता है, जब बच्चे अपने पिता के संघर्षो और परिवार के लिए किए गए त्यागों को सम्मानित करते है। फादर्स डे पर पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी से लेकर युवा वर्ग ने अपनी अलग- अलग राय दी। मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष सह संग्रामपुर मुखिया दीपक सिंह ने कहा कि भले ही हमारे पिताजी अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन मुझे आज भी याद है उनके लिए वो फैसले जिन्होंने परिवार को हमेशा संकट से बचाया। उनके लाड़ प्यार और कड़ी सख्ती ने ही हमें हर परिस्थितियों को सामना करने योग्य बनाया। दुनिया की भीड़ में जो सबसे करीब है वे मेरे पापा, मेरे खुदा, मेरी तकदीर है। जानकीडीह पैक्स अध्यक्ष मिथिलेश यादव ने कहा कि कोई कुछ भी कहे ये बात पक्की होती है, पिता के डांट में ही तरक्की होती है। पिता वह कुम्हार है, जो अपनी डांट से ठोक...
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