वाराणसी, जनवरी 5 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। भौतिकवाद की चकाचौंध में डूबी नई पीढ़ी के दादा-दादी और माता-पिता अपने दायित्व से विमुख हो गए है। इसी से नई पीढ़ी में असहिष्णुता एवं चरित्रहीनता के लक्षण प्रकट हो रहे हैं। ये बातें स्वामी रामकमलाचार्य वेदांती ने कहीं। वह गुरुधाम स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में हो रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को प्रवचन कर रहे थे। रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कथा में उन्होंने कहा कि आज भी जो माता-पिता अपने बच्चों को उच्च कोटि की शिक्षा के साथ धर्म की ओर भी ले जा रहे हैं उनकी संतानों में भगवान श्रीराम तथा श्रीकृष्ण के उच्चतम आदर्श दिखाई पड़ते हैं। आज की युवा पीढ़ी अपने सिद्धांतों से भटक रही है। यही कारण है कि सनातन संस्कृति के सूत्र बिखर रहे हैं। प्राचीन काल में हर मां-बाप, दादा-दादी बच...
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