गिरडीह, जनवरी 20 -- झारखंडधाम, प्रतिनिधि। जहां एक ओर कई सरकारी विद्यालयों में विकास कार्यों के लिए मिली राशि के दुरुपयोग के मामले सामने आते रहते हैं, वहीं संस्कृत उच्च विद्यालय झारखंडधाम के शिक्षकों ने एक मिसाल पेश की है। विद्यालय के शिक्षकों ने अपने वेतन से राशि जुटाकर न केवल विद्यालय परिसर में चापानल को सुरक्षित कराया, बल्कि दो शौचालयों का निर्माण भी कराया है। विद्यालय भवन ईंटों का बना हुआ था, लेकिन वर्षों तक बिना प्लास्टर की जर्जर स्थिति में रहा। करीब चार वर्ष पूर्व शिक्षकों ने आपसी सहयोग से अपने वेतन की राशि से भवन का प्लास्टर कराकर रंग-रोगन कराया, जिससे विद्यालय का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेंद्र पंडा ने बताया कि सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति और संसाधनों के अभाव के कारण शिक्षकों को स्वयं पहल करनी पड़ी। उन्होंन...