वाराणसी, फरवरी 15 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के संस्कृतविद्या धर्मविज्ञान संकाय में आयोजित 'काशी नेपाल शास्त्र संगम' के दूसरे और अंतिम दिन मुख्य अतिथि कथावाचक रमेश भाई ओेझा ने कर्तव्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्राय: लोगों की सोच होती है कि हमें कुछ मिले तब कर्म करें पर यह उचित नहीं है। कर्म हमारा अधिकार है। हमें पूर्ण निष्ठा से हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। सही दिशा में उचित विधि से उचित समय पर किया गया कर्म कभी विफल नहीं होता। संगम के दूसरे दिन नेपाल से आए विद्वानों ने मालवीय भवन और भारत कला भवन का भ्रमण किया। इसके बाद कवि परिषद की तरफ से आयोजित कवि सम्मेलन में 11 संस्कृत कवियों ने काव्य पाठ किया। काव्य गोष्ठी के अध्यक्ष संकाय प्रमुख प्रो. राजाराम शुक्ल ने गणेश स्तुति के बाद वसन्तसखा और...
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