छपरा, सितम्बर 29 -- दरियापुर। स्नातक पास करते ही शादी हो गई। शादी के बाद ससुराल के लोगों की सेवा करते हुए पीजी की। सरकारी शिक्षिका बनने के बाद भी हार नहीं मानी और अपने कठिन परिश्रम व जिजीविषा से पीएचडी की उपाधि हासिल कर दूसरी महिलाओं की प्रेरणास्रोत बन गई। यह कहानी है नारायणपुर शीतलपट्टी की डॉ पूनम कुमारी की। ये फिलहाल प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सांझा कोठी में विशिष्ट शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। डॉ पूनम ने अपनी उच्च शिक्षा हासिल कर खुद तो स्वावलंबी बनी ही। अब दूसरे बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित करती है। हर साल अनाथ व अपाहिज बच्चों के बीच मुफ्त में पाठयपुस्तक सामग्री का वितरण करती हैं। मुफ्त में कई लड़के लड़कियों को शिक्षा देती हैं। इस नारी शक्ति ने अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई पुरस्कार हासिल की है। शिक्षा विभाग द्वारा इन्हें दो...
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