गिरडीह, जनवरी 6 -- तिसरी। तिसरी के धरोहर वन विश्रामागार के जीर्णोद्धार का मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया है ऐसा लगता है। पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के प्रयास के बावजूद वन विश्रामागार के जीर्णोद्धार का काम शुरू नहीं हो पाया है। मालूम हो कि बड़े नेता, अफसर और अन्य अतिथियों के ठहरने के लिए तिसरी में लाखों रुपए की लागत से बनाया गया वन विश्रामागार भवन अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। उक्त भवन की दीवारों पर पड़ी दरारें और झाड़ियों से लिपटी चहारदीवारी व भवन इसकी बदहाली को बखूबी बयां कर रहा है। इसी के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कुछ माह पहले अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे तिसरी के वन विश्रामागार का मुआयना किया था। तत्पश्चात उन्होंने मौके पर पीसीसीएफ और गिरिडीह डीएफओ से फोन पर बात कर वन विश्रामागार के जीर्णोद्धार...
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