हापुड़, फरवरी 23 -- नगर के देवलोक कॉलोनी स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में 39वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में चल रही चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास आचार्य मिथलेश नंदन कौशिक ने राम कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यक्ति को अपनी प्रशंसा से बचकर रहना चाहिए, हमारी प्रशंसा कई बार हमें अहंकार की ओर ले जाती है। उन्होंने नारद चरित्र को सुनते हुए कहा कि जब नारद को कामदेव जीत नहीं पाए, तब इंद्र ने नारद की प्रशंसा की और नारद अपनी प्रशंसा को सुनकर अहंकार के वशीभूत हो गए थे और नारद ने अहंकार में जाकर भगवान विष्णु को श्राप दे दिया था कि आपको पृथ्वी पर अवतार लेना पड़ेगा और आप राम बनकर अपने भक्तों की सेवा तो अवश्य करेंगे, परंतु आपको एक ऐसा दुख भी होगा। जिसमें आप अपनी पत्नी की रक्षा नहीं कर पाएंगे और उनका हरण हो जाएगा। इसी श्राप के कारण भगवान व...
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