आगरा, दिसम्बर 21 -- अपनी इंद्रियों का दमन कर ले वही सुदामा है। सुदामा की मित्रता भगवान के साथ निःस्वार्थ थी। उन्होंने कभी उनसे सुख साधन या आर्थिक लाभ प्राप्त करने की कामना नहीं की लेकिन सुदामा की पत्नी द्वारा पोटली में भेजे गए चावलों में भगवान श्री कृष्ण से सारी हकीकत कह दी और प्रभु ने बिन मांगे ही सुदामा को सब कुछ दे दिया। पालीवाल पार्क स्थित श्री गीता ज्ञान मंडल में चल रही श्रीमद भागवत कथा में व्यास प्रेमप्रकाश महाराज ने ये उदगार व्यक्त किए। श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र का मार्मिक संजीव वर्णन श्रद्धालुओं के समक्ष किया। नव योगेश्वर संवाद के बाद भागवत व्यास पूजन कर कथा को विश्राम दिया गया। इस अवसर पर गोपाल गर्ग, गौरव गर्ग, शिवानी गर्ग, राहुल गर्ग, सोनाली गर्ग, विष्णु अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, ब्रज मोहन अग्रवाल, प्रथम अग्रवाल,...