लोहरदगा, मार्च 16 -- लोहरदगा, संवाददाता। होली का त्यौहार क्षेत्र के अनुसार अनोखे ढंग से मनाया जाता है। कहीं लट्ठमार, तो कहीं जुलूस तो कहीं मटका फोड़ सहित देशभर में विविधता से भरा है रंगों का यह त्यौहार। लेकिन लोहरदगा सेन्हा के बरही में अनोखे रूप से रंगों का त्यौहार मनाया जाता है, जो ढेलामार होली के नाम पर प्रसिद्ध है। यह परंपरा काफी पुरानी है। ढेलामार होली इस बार भी यहां पूरे उल्लास के साथ मनायी गई। पूर्व जिला परिषद सदस्य रामलखन प्रसाद एवं समाजसेवी ग्रामीण महावीर प्रसाद साहू,परमानंद महतो,बहादुर महतो सहित अन्य लोगों का कहना है कि झारखंड राज्य के बरही ग्राम में अनोखे रूप से रंग अबीर के बाद ढेलामार होली खेला जाता है। गाजे बाजे के साथ इस परंपरा को लोग निभाते हैं। ढेलामार होली में दैवीय शक्ति का वरदान गांव के भक्तों को प्राप्त है ऐसा माना जाता ...
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