हरिद्वार, सितम्बर 29 -- उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल परिसर में सोमवार को रिसेंट एडवांसमेंट इन पंचकर्मा अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि जीवनशैली-जनित रोगों और तनाव के इस दौर में पंचकर्म चिकित्सा अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन न केवल प्राचीन चिकित्सा धरोहर को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परखने का अवसर देता है बल्कि इसे वैश्विक मानकों तक पहुंचाने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों और एविडेंस बेस्ड रिसर्च के जरिये पंचकर्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित करने की आवश्यकता है।
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