रांची, फरवरी 10 -- रांची, वरीय संवाददाता। पेसा कानून का सही तरीके से पालन नहीं होने के कारण अनुसूचित क्षेत्रों में बाहरी लोगों का दखल लगातार बढ़ा है। इस वजह से आदिवासियों को नौकरी, जमीन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित होना पड़ रहा है। यह बातें मंगलवार को एसडीसी सभागार में हुई आदिवासी क्षेत्र सुरक्षा परिषद की प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने कही। परिषद के अध्यक्ष ग्लैडसन डुंगडुंग ने कहा कि राज्य सरकार ने पेसा झारखंड नियमावली 2025 के माध्यम से राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए कानूनों को पेसा कानून 1996 के ऊपर रखने का प्रयास किया है, जो पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देकर अनुसूचित क्षेत्रों में नगर निकायों का गठन किया जा रहा है, जबकि संविधान की पांचवीं अनुसूची में इसके स्पष्ट प्रावधान मौज...
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