रांची, जनवरी 31 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने मादक पदार्थ बरामदगी मामले में सजा के खिलाफ एक अपील पर सुनवाई के दौरान पुलिस अनुसंधान पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने डीजीपी से मौखिक कहा कि पुलिस केस के अनुसंधान में छोटी-छोटी गलतियां कर रही है, क्या उन्हें ट्रेनिंग नहीं दी जाती है? पुलिस को पता नहीं है कि कैसे सही तरीके से अनुसंधान किया जाए। ट्रेनिंग के अभाव में सजायाफ्ता छूट जा सकते हैं या पुलिस महकमे पर गलत केस दर्ज करने का आरोप लग सकता है। कोर्ट ने डीजीपी को नसीहत देते हुए कहा कि झारखंड में अविलंब पुलिस की ट्रेनिंग कराएं और नया एसओपी तैयार करें। सुनवाई के दौरान वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीजीपी एवं चाईबासा एसपी हाजिर थे। इस पर डीजीपी ने कहा कि वह इस केस से जुड़े अनुसंधानकर्ता से शोकॉज कर जवाब ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.