देवरिया, दिसम्बर 5 -- देवरिया, निज संवाददाता। सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर में आयोजित वार्षिक निरीक्षण के दूसरे दिन लक्ष्य बोध सत्र के दौरान मुख्य अतिथि राजेश सिंह ने कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के छात्रों को संबोधित किया। उन्होने कहा कि सफल व्यक्तित्व के निर्माण में अन्य कारकों के साथ- साथ सबसे महत्वपूर्ण कारक आत्म संयम, अनुशासन और अभ्यास का सबसे बड़ा योगदान है। जीवन के किसी भी पड़ाव में जब तक सफलता को प्राप्त करना और उस सफलता को बनाए रखने की बात होगी, निरंतर अभ्यास, आत्म संयम और अनुशासन को अपनाने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी लक्ष्य आपने तय किया है उसे प्राप्त करने के लिए अभ्यास और अभ्यास में निरंतरता का बहुत महत्व है। खरगोश और कछुए की कहानी एक आदर्श उदाहरण हो सकती है। विद्या भारती के सह मंत्री डॉ रामनाथ गुप्त ने कहा...
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