पटना, अक्टूबर 24 -- चार दिवसीय छठ महापर्व शनिवार को अनुराधा नक्षत्र और शोभन योग में नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। व्रती गंगा नदी में स्नान के बाद भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर नहाय-खाय प्रसाद बनाएंगे। प्रसाद के रूप में अरवा चावल, चना दाल, कद्दू की सब्जी और आंवले की चटनी आदि को भगवान का भोग लगाकर उसे ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही वे चार दिवसीय अनुष्ठान का संकल्प लेंगे। ज्योतिषाचार्य पीके युग बताते हैं कि व्रत के दूसरे दिन रविवार की शाम में ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में गुड़ से बने खीर, रोटी, केला आदि खरना प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगे। खरना प्रसाद ग्रहण करते समय गौ का भाग (ग्रास) निकाल कर व्रती चार दिवसीय अनुष्ठान के लिए गाय को भी साक्षी बनाएंगे। व्रती 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरूआत करेंगे। व्रती देंगे सूर्य को अर्घ्य : खरना प्रसाद ग्रहण करने के ...
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