पीलीभीत, फरवरी 5 -- पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों के लिए न्याय की घड़ी आ गई है। न्यायालय ने उनके मानदेय और सेवा शर्तों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अनुदेशक संघ के प्रदेश मंत्री प्रखर मिश्र ने बताया कि कोर्ट ने माना कि जो अनुदेशक 10 वर्षों से अधिक समय से लगातार सेवा दे रहे हैं। उनका कार्य अब केवल संविदा नहीं रह गया है। वे स्थायी पदों के समकक्ष माने जाने चाहिए 7,000 या 9,000 रुपये के अल्प मानदेय को कोर्ट ने बेगार (अनुचित श्रम) और संविधान के अनुच्छेद 23 का उल्लंघन माना है। साल 2017-18 में निर्धारित सत्रह हजार रुपये प्रति माह का मानदेय अब सभी पात्र अनुदेशकों को मिलेगा। बहुत ही अच्छा निर्णय आया है। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष राकेश पटेल एवं प्रांतीय मंत्री प्रखर मिश्रा ने प्रदे...
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