मेरठ, दिसम्बर 6 -- मेरठ। जागृति विहार स्थित वेदांत आश्रम में शुभम करोति फाउंडेशन के तत्वावधान में हो रहे गीता ज्ञान यज्ञ में शुक्रवार को गीता के छठे अध्याय आत्म संयम पर कथावाचक ने प्रवचन किए। विधि विधान से एस वी सिंह और ए के बंसल ने व्यास पूजन कराया। पूजन के बाद श्रीमद्भगवतगीता के छठे अध्याय का वर्णन करते हुए कथावाचक स्वामी अभयानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि ईश्वर कृपा से हमें मनुष्य शरीर और भारत भूमि में जन्म मिला, शास्त्र कृपा से अध्यात्म ज्ञान उपलब्ध हुआ और गुरुकृपा से उस पथ आर चलने का मार्गदर्शन मिलता है। यदि हम स्वयं प्रयास न करें तो सब व्यर्थ है। ईश्वर कृपा, शास्त्र कृपा और गुरुकृपा निरर्थक हो जाती हैं, जब तक हम आत्म कृपा नहीं करते। हमारा अनियंत्रित मन ही हमारा शत्रु है और नियंत्रित मन ही मित्र है। इस मौके पर राजीव शर्मा, माया खंडेलवा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.