एटा, फरवरी 5 -- एचआईवी पीड़ित महिला की मौत के बाद अनाथ हुए बच्चों के सामने रोजी-रोटी का संकट है। माता-पिता के निधन के बाद खाने कमाने वाला कोई नहीं बचा। पिता के नाम से करीब डेढ़ बीघा जमीन है। इसी जमीन से कैसे दोनों का खर्चा चलेगा। पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ जीवन चलाने का भी संकट परिवार के सामने है। ब्लॉक जैथरा क्षेत्र में एक महिला की मौत के बाद बालक और उसकी बहन बची है। मां की मौत से पहले दोनों बच्चे पढ़ाई लिखाई के अलावा आधार कार्ड भी सुविधा उपलब्ध नहीं थी। मां की मौत के बाद दोनों की अनाथ हो गए। बच्चों की देखभाल की भी परेशानी थी, लेकिन बाद बड़ा दिल दिखाते हुए बच्चों के ताऊ ने इनको आश्रय दिया है। अभी दोनों बच्चों के पास आय का कोई साधन नहीं है। इनके पिता के पास करीब डेढ़ वीघा जमीन है। इस डेढ़ बीघा जमीन से दोनों बच्चों की आजीविका निर्भर है। अभी इन...