प्रयागराज, जनवरी 23 -- माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-6 में विहंगम योग के प्रणेता सद्गुरु सदाफल देव के 72वें परम निर्वाण दिवस के अवसर पर पंचदिवसीय जय स्वर्वेद कथा एवं 2100 कुंडीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। प्रथम दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत प्रवर विज्ञान देव ने कहा कि सत्य पर अटूट विश्वास ही श्रद्धा है और श्रद्धावान व्यक्ति ही ज्ञान प्राप्त कर शांति का अनुभव करता है। उन्होंने बल दिया कि विश्व में व्याप्त अशांति का मूल कारण आंतरिक शांति का अभाव है। यदि मनुष्य अपने मन को साध ले, तो जीवन की जटिलताएं और अवसाद स्वतः समाप्त हो जाते हैं। इस अवसर पर महाराज ने भारतीय संस्कृति को विश्व की आदि संस्कृति बताते हुए कहा कि भारत भूमि मात्र एक भूखंड नहीं, बल्कि हमारी मातृभूमि है। कार्यक्रम के दौरान स्वर्वेद के दोहों की संग...