शामली, फरवरी 13 -- श्रीराम कथा के छठे दिन प्रवचन करते हुए कथा व्यास मनोज जी महाराज ने कहा कि राम उस असीम ऊर्जा का नाम है जो महाजाल रूपी ब्रह्माण्ड की केन्द्रीय प्राण शक्ति है। अध्यात्म की शक्ति से मनुष्य हर युग में अपना कायाकल्प करता आया है। थानाभवन नगर के प्राचीन दयाल आश्रम मे बृह्मलीन सती बाबा दयाल शाह महाराज एवं सती बाबा दयाल शाह जी महाराज की पूण्यतिथि पर आयोजित श्री राम कथा में प्रवचन करते हुए कथा व्यास मनोज जी महाराज ने कहा सनातन धर्म की शक्ति, परमात्मा का ज्ञान, राम की प्रेरणा, वह शक्ति है, जो हर बाधाओं को दूर कर सकती है, जो प्रकृति के सभी रहस्यों को उजागर करती है।भगवान राम भारत की अंतरात्मा हैं, इसके गुणों के आधार हैं । उन्हें नर, मानव और नारायण, दिव्य, सगुण, गुणों से युक्त और निर्गुण, गुणों से रहित दोनों रूपों में माना जाता है। वे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.