अयोध्या, फरवरी 19 -- अयोध्या। बोर्ड परीक्षा सन्दर्भित मनोजागरूकता वार्ता में जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डा आलोक मनदर्शन ने परीक्षार्थियों को कई तरह की सलाह और तनाव से बचाव के रास्ते बताये हैं। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान दबाव या स्ट्रेस महसूस होना एक हद तक सकारात्मक है जिसे यू-स्ट्रेस या अच्छा दबाव कहा जाता है, क्योंकि इससे एनर्जी व उत्साह उत्पन्न करने वाले हार्मोन नारएड्रेनलिन संचार होता है। परन्तु यह दबाव या स्ट्रेस ज्यादा होने पर स्ट्रेस हार्मोंन कोर्टिसोल व एड्रेनलिन ज्यादा बढ़ने से यह डिस्ट्रेस या हताशा में बदल कर मनोशारीरिक -स्वास्थ्य व परीक्षा-प्रदर्शन को दुष्प्रभावित कर सकता है। यही डिस्ट्रेस की मनोदशा एग्जाम-फोबिया,एग्जाम- एंजायटी या एग्जाम-प्रेशर आदि नामों से भी जाना जाता है। घबराहट, बेचैनी, हताशा, चिड़चिड़ापन, दिल की ध...