सहारनपुर, जून 28 -- उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अनुशासनात्मक समिति ने दो महिला अधिवक्ता बहनों को विधिक कदाचार का दोषी पाते हुए पांच साल के लिए निलंबित कर दिया है। महिला अधिवक्ता नाजिया और शाजिया के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह दोनों बहन पांच साल के लिए देश के किसी भी न्यायालय में विधिक कार्य नहीं कर सकती हैं। अधिवक्ता बाबर वसीम ने बार काउंसिल में शिकायत कर आरोप लगाया था की नाजिया प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में कार्य कर रही हैं, जो कि अधिवक्ता अधिनियम के विरूद्ध है। आरोप लगाया कि दोनों बहन कचहरी में आकर वकालत का कार्य भी कर रही हैं और लोगों को डरा धमकाकर रुपये भी वसूलती हैं। अनुशासनात्मक समिति ने दोनों पक्षों की सुनवाई के उपरांत आदेश जारी किया है।
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