संतकबीरनगर, दिसम्बर 3 -- पौली, हिन्दुस्तान संवाद। धनघटा तहसील परिसर में बुधवार को अधिवक्ताओं ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति बाबू राजेन्द्र प्रसाद की जयंती अधिवक्ता के रूप में मनाई। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के पूर्व तहसील अध्यक्ष लाल शरण सिंह ने कहा कि बाबू राजेन्द्र प्रसाद एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, वकील, विद्वान और तत्पश्चात 1950 से 1962 तक भारत के प्रथम राष्ट्रपति रहे। वे एक भारतीय राजनीतिक नेता और पेशे से वकील थे। प्रसाद भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए और बिहार क्षेत्र के एक प्रमुख नेता बन गए। महात्मा गांधी के समर्थक, प्रसाद को 1931 के नमक सत्याग्रह और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों ने कैद कर लिया था। उनके जीवन से नई पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए। तहसील अध्यक्ष हनुमान प्रसाद चौधरी...