बदायूं, फरवरी 21 -- जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार सुबह एडीएम वित्त को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि अधिवक्ता न्याय के रथ पर पहिया माना जाता है। उसे ऑफिसर ऑफ दॉ कोर्ट का दर्जा प्राप्त होता है। अधिवक्ता अधिनियम में संसोधन , संविधान के इसी आधार भूत सरंचना पर हमला करने की नियत से लाए गए है। ऐसे समय में जब केंद्रीय विधि मंत्री अधिवक्ताओं के लिए मेडिक्लेम, जीवन बीमा प्रदान करने की घोषणा कर चुके है। जिसके चलते पूरे देश के अधिवक्ता एडवोकेट प्रॉटेक्शन की राह देख रहा था। इसका प्रारूप तैयार कर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा छह माह पूर्व सरकार को दिया जा चुका है। लेकिन इन संशोधनों में इस बिंदु का वर्णन न होने पर अधिवक्ताओं में मायूसी छा गई है। इस मौके पर जिला बार अध्यक्ष पवन गुप्ता, महासचिव अरविंद परमार के अलावा सभी पदाधिकारी वह अध...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.