गुड़गांव, जनवरी 13 -- गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की अधिग्रहित भूमि पर किए गए निर्माण को लेकर जिला अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रश्मीत कौर की अदालत ने सूर्य विहार में बने भवनों को ध्वस्त करने की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग करने वाली दो याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिजली बिल या हाउस टैक्स का भुगतान किसी भी तरह से अवैध निर्माण को कानूनी मान्यता नहीं देता। याचिकाकर्ता तपे सिंह और धर्मपाल ने कोर्ट में दलील दी थी कि एचएसवीवी ने 31 अक्तूबर 2025 को उनके भवनों को तोड़ने का नोटिस जारी किया है। उनका दावा था कि उन्होंने यह जमीन साल 1997 में खरीदी थी और तब से वे वहां रह रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि उनके पास वैध बिजली कनेक्शन है और वे नियमित रूप से हाउस टैक्स भर रहे हैं, इसलिए उ...