बस्ती, दिसम्बर 10 -- बस्ती। क्षेत्रीय किसानों ने डीएपी खाद के लिए जद्दोजहद करते हुए किसी तरह गेहूं, दलहन व तिलहन की फसल की बुवाई कर दी है। अब सिंचाई के बाद फसलों में यूरिया खाद बोने के लिए दर-दर भटकने को किसान मजबूर हैं। सरकारी गोदामों पर भी खाद की आपूर्ति ऊंट के मुंह में जीरा जैसे है। इसका सीधा लाभ प्राइवेट दुकानदार उठाकर मालामाल हो रहे हैं। ब्लॉक मुख्यालय पर यूरिया खाद की एक प्राइवेट दुकान से दो किसान एक एक बोरी यूरिया खाद की ले जाते दिखे। उन्होंने बताया कि हम अपना व दूकानदार का नाम नहीं बताएंगे। यूरिया खाद की एक बोरी पांच सौ रुपये में खरीदा हूं। किसान ने कहा कि अब इसमें प्राइवेट दुकानदार की गलती है या सरकार की जो किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करा पा रही है। बाजारों में बनकटी, पक्कवा, डेल्हापार, देईसांड़, हल्लौर बानपुर आदि अन्य जगहों पर प्...
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