गुमला, जून 7 -- गुमला, प्रतिनिधि। सात जून को मनाए जाने वाले विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के मौके पर जब पूरी दुनिया सुरक्षित खाद्य प्रणाली की वकालत कर रही है, वहीं गुमला जिला मिलावटी खाद्य सामग्री की मंडी बनता जा रहा है। मिठाई से लेकर मसाले, दूध और पनीर तक हर स्तर पर मिलावटखोरी का खेल चल रहा है। खासकर त्योहारों के समय जिले में नकली खोवा से मिठाइयां बनाने का काम तेजी पकड़ता है। मिठाइयों में हानिकारक केमिकल और कृत्रिम रंग मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा है। लड्डू,काजू बर्फी, पेड़ा जैसे उत्पाद अब लोगों के लिए स्वाद नहीं,बल्कि बीमारियों की वजह बनते जा रहे हैं। खाद्य विशेषज्ञों की मानें तो ये मिलावटी सामग्री स्लो प्वाइजन की तरह शरीर को नुकसान पहुंचा रही है। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है। विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.