लखनऊ, अक्टूबर 7 -- - विद्युत अधिनियम-2003 में व्यवस्था है कि वार्षिक राजस्व आवश्यकता का प्रस्ताव स्वीकार करने के 120 दिनों के भीतर नई दरें आयोग करेगा तय लखनऊ, विशेष संवाददाता बिजली दरें तय करने की अधिकतम मियाद बीतने के करीब एक महीने बाद भी बिजली की नई दरें तय नहीं हो सकी हैं। विद्युत अधिनियम-2003 के मुताबिक बिजली कंपनियों द्वारा दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) स्वीकार करने के बाद 120 दिनों के भीतर बिजली दरें घोषित हो जानी चाहिए। नियामक आयोग ने इस साल 9 मई को एआरआर स्वीकार किया था, जिसके मुताबिक 9 सितंबर तक दरें तय हो जानी चाहिए थीं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने इस देरी को अनुचित और उपभोक्ताओं के हितों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि मियाद बीतने के बाद भी दरें तय न करना वि...
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