जमुई, मई 5 -- लक्ष्मीपुर। निज संवाददाता लोहिया स्वच्छता अभियान फेज टू के तहत सरकार गांवों को स्वच्छ रखने की परिकल्पना किया था। जिस पर सरकार ने लाखों रुपए खर्च किए। इस योजना के तहत घर-घर जाकर कचरा उठाव करना था। लेकिन गांवों को स्वच्छ रखने की योजना अधर में लटक कर रह गया। जिसको लेकर पदाधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि भी उदासीन बने हैं। नतीजन ग्रामीण भी दिलचस्पी लेना बंद कर दिया। लक्ष्मीपुर प्रखंड के जिस पंचायत में कचरा उठाव शुरू हुआ। आज की तिथि में सभी पंचायत में बंद है। योजना को शुरू करने में पदाधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि जितना जल्दबाजी दिखाए। लेकिन बंद होने पर वे उतना ही उदासीन बने हैं। जानकारी के अनुसार स्वच्छता कर्मियों को मानदेय नहीं मिलने के कारण कचरा उठाव लगभग एक वर्ष से बंद है। कचरा उठाव बंद होने से गांव की गलियों में गंदगी फैल रही है। जि...
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