रांची, मई 5 -- ओरमांझी, प्रतिनिधि। प्रखंड के कुच्चू गांव में चल रहा श्रीश्री 1008 शिव शक्ति हनुमत महायज्ञ सह राम कथा के चौथे दिन अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि जब-जब होई धरम की हानी, बाढ़हि असुर अधम अभिमानी।। तब-तब प्रभु धरि विविध शरीरा, हरहि दयानिधि सज्जन पीरा।। उन्होंने बताया कि त्रेता युग में जब असुरों की शक्ति बढ़ने लगती है उसी दौरान माता कौशल्या की कोख से प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि भगवान सभी स्थानों पर रहते हैं। सच्चे मन और प्रेम से पुकारने पर भगवान कहीं भी प्रकट को सकते हैं। धर्म और संप्रदाय में अंतर को बताते हुए अतुल कृष्ण ने बताया कि धर्म मानव जीवन और व्यक्ति के अंदर एकजुटता का भाव पैदा करता है। जबकि संप्रदाय मानव को बाहरी रूप से एक बनाता है। उन्होंने बताया कि अयोध्या भगवान राम और श्रीकृष्ण ने मथुरा में अवतार लेकर...
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